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हींग का उपयोग तथा फायदे और नुकसान

हींग का उपयोग आमतौर पर भारतीय व्यंजनों में किया जाता है। वैसे तो हींग का उपयोग भोजन के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है, लेकिन आयुर्वेद में इसका उपयोग एक औषधि के रूप में किया जाता है। हींग के उपयोग से पेट दर्द, अपच, गैस आदि समस्याओं से निजात पाया जा सकता है।

हींग में एंटीवायरल anti-inflammatory एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं इस कारण यह स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद उपयोगी मानी जाती है।





हींग क्या है? (What is asafoetida in Hindi)

हींग एक कठोर पदार्थ है, जिसे फेरुला पौधे की जड़ों से प्राप्त किया जाता है, एक बार इसकी जड़ निकाले जाने के बाद यह सूख जाता है, फिर इसका उपयोग भारतीय व्यंजनों में पाउडर के रूप में तथा आयुर्वेद में औषधियो के रूप में किया जाता है।


इनका स्वाद काफी कड़वा होता है और इसकी गंध भी तीखी होती है। हींग में सल्फर यौगिको की उच्च मात्रा के कारण इसकी गंध काफी तीखी होती है, लेकिन जब इसको पकाया जाता है तो इसका स्वाद एवं इसकी गंध अधिक स्वादिष्ट हो जाती है।



वैसे तो इसका उपयोग भोजन को स्वादिष्ट बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन हींग का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा मे भी सदियों से होता आ रहा है।

इसकी तासीर भी गर्म होती है, इसलिए ठंड के मौसम में यह अधिक फायदेमंद होती है, लेकिन हींग की तासीर गर्म होने के कारण इसका उपयोग सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।



100 ग्राम हींग का पोषण मूल्य (Nutritional value of 100 grams asafoetida in Hindi)

  1. 39 मिलीग्राम आयरन

  2. 690 मिलीग्राम कैल्शियम

  3. 68 ग्राम कार्बोहाइड्रेट

  4. कुल आहार फाइबर का 4 ग्राम

  5. प्रोटीन का 4 ग्राम

  6. फास्फोरस का 50 मिलीग्राम

  7. कुल वसा का 1 ग्राम


अब हम आपको हींग के गुणों के बारे में बताएंगे, तो आइए हम जानते हैं कि हींग के फायदे क्या हैं।

हींग के फायदे (Benefits of asafoetida in Hindi)

पेट संबंधी समस्याओं से निजात दिलाए हींग

सदियो से ही पेट संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए हींग का उपयोग किया जाता है। पेट फूलना, पेट में दर्द होना, गैस बनना, कब्ज एवं अपच को दूर करने के लिए आप हींग का उपयोग कर सकते हैं। हींग में एंटी माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो पेट के संक्रमण की संभावना को भी कम करता है।